सूर्य का कन्या राशि में आगमन
17 सितम्बर 2018 को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश कर चुके है आइये देखते है की ये आपकी राशि में क्या शुभ अशुभ फल लेकर आये है |
मेष राशि:-छठे भाव में सूर्य के गोचर से विद्या अधयन के समय कठिनाइयां आती है परन्तु छठे स्थान पर बैठा हुआ उष्ण स्वभावी गृह अत्यंत प्रभावशाली माना गया है अतः बुद्धिमानी से शत्रु वर्ग पर विजय प्राप्त होती है इस समय खर्च अधिक होगा तथा बाहरी सम्बन्धो से सफलता एवं लाभ भी मिलता रहेगा | स्वदेश की अपेक्षा बाहरी स्थानो में अधिक सम्मान प्राप्त होगा |संतान पक्ष के प्रति मन में कुछ चिंताएं व परेशानियां बनी रहेगी |
वृष राशि:- पांचवे विद्या के भवन में अपने मित्र बुध की कन्या राशि पर स्थित सूर्य के प्रभाव से विद्या एवं संतान के पक्ष में वृद्धि एवं सुख की प्राप्ति होगी|स्वभाव में गंभीरता रहेगी इस समय आप बुद्धिमता एवं दूरदर्शिता से अपने काम सफल बनाएंगे |घरेलु जीवन में सुख शान्ति रहेगी |माता एवं भूमि का सुख भी प्राप्त होगा आमदनी के साधन भी अच्छे बनेंगे |
मिथुन राशि:- चौथे केंद्र पर स्थित सूर्य के प्रभाव से आपके पराक्रम में वृद्धि होती है |भाई बहनो का सुख तथा सम्मान प्राप्त होता है |माता,भूमि ,भवन का सुख मिलता है |पिता द्वारा सहयोग,राजकीय क्षेत्र में सफलता,व्यवसाय के क्षेत्र में उन्नति एवं यश की उन्नति एवं यश की प्राप्ति होती है |
कर्क राशि:- तीसरे पराक्रम एवं सहोदर भवन में अपने मित्र बुध की कन्या राशि पर स्थित सूर्य के प्रभाव से पराक्रम में वृद्धि होती है |तथा भाई बहनो के पक्ष में कुछ परेशानियों के साथ शक्ति प्राप्त होती है | पराक्रम के द्वारा ही अपने धन की वृद्धि करते है अपने पराक्रम से भाग्य की वृद्धि तथा धर्म का पालन करता है |उसके प्रभाव तथा सम्मान की प्राप्ति भी होती है |
सिंह राशि :- कन्या राशि स्थित सूर्य के प्रभाव से धन तथा कुटुंब के सुख में वृद्धि होती है परन्तु यह स्थान बंधन का भी होने के कारण कुछ परतंत्रता का सा अनुभव होता है |स्वास्थ लाभ होता है एवं प्रतिष्ठा मिलती है |
कन्या राशि :- पहले केंद्र एवं शरीर स्थान में अपने मित्र बुध की कन्या राशि पर स्थित व्ययेश सूर्य के प्रभाव से खर्च अधिक होता है एवं उससे कभी कभी परेशानी भी महसूस होगी |बाहरी स्थानो से विशेष लाभ एवं सम्मान की प्राप्ति होती है |स्त्री एवं व्यवसाय के पक्ष में कुछ असंतोष एवं हानि हो सकती है |
तुला राशि :- बाहरी सम्बन्धो से सुख एवं लाभ की शक्ति प्राप्त होती है |परन्तु खर्च भी अधिक होने के योग है| शत्रु पक्ष से मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध बनते है तथा यदि आप का किसी से झगड़ा चल रहा हो तो उसमे लाभ मिलेगा एवं प्रभाव की वधि होती है |
वृश्चिक राशि :- माता पिता के द्वारा श्रेष्ठ लाभ मिलता है |राज्य द्वारा सम्मान एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है तथा वयवसाय के क्षेत्र में भी विशेष लाभ एवं यश मिलता है संतान पक्ष की शक्ति प्राप्त होती है |तथा विद्या एवं बुद्धि में वृद्धि होती है |
धनु राशि:- पिता का सहयोग मिलता है राज्य के क्षेत्र में लाभ होता है |धर्म में भी रुचि रहती है |इस समय आपका भाग्य साथ देता है |माता,भूमि मकान का सुख प्राप्त होता है |मन सम्मान में वृद्धि होती है|
मकर राशि:-भाग्य की उन्नति में कुछ रुकावटे आती है |धर्म पालन में कठनाईया आती है स्वास्थ तथा पुरातत्व की शक्ति में वृद्धि होती है |भाई बहनो के सुख में कमी रहती है तथा पारकर्म में भी कमी रहती है |
कुम्भ राशि:-स्त्री पक्ष से परेशानी एवं व्यवसाय के पक्ष में कठनाइयो का सामना करना पड़ता है |बाहरी स्थानो के सम्बन्ध से व्यवसाय में कुछ सफलता मिलती है |कठिन परिश्रम के साथ धन की वृद्धि होती है उसे अपने कुटुंब का सहयोग भी प्राप्त होता है|
मीन राशि:-सूर्य के प्रभाव से स्त्री पक्ष से कुछ वैमनस्य रहता है |तथा व्यवसाय में अधिक परिश्रम एवं दौड़ धुप के बाद सफलता मितली है |शत्रु पक्ष पर विजय मिलती है एवं प्रभाव की वृद्धि होती है |शरीर में कुछ परेशानी रह सकती है |
सूर्य गृह की शांति हेतु उपाय :
ॐ घृणि सूर्याय नमः इस मन्त्र का जाप करे एवं सूर्योदय के समय ताम्बे के पात्र से खड़े होकर सूर्य को जल दे |
उक्त जानकारी सुचना मात्र है, किसी भी निष्कर्ष पर पहुचने से पहले कुंडली के और भी ग्रहो की स्तिथि, बलाबल को भी ध्यान में रख कर तथा किसी योग्य ज्योतिर्विद से परामर्श कर ही किसी भी निर्णय पर पहुचना चाहिए |
