सूर्य का कुम्भ राशि में गोचर :-
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आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन अमृतं मर्त्य च |
हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन् ||
ओ ग्रहानामादिरादिट्यो लोकरक्षणकारक: ।
विषमस्थांसम्भूता पीडा हरतु में रवि:।
13 फरवरी 2019 से सूर्य मकर राशि से निकलकर कुम्भ राशि में प्रवेश कर चूके है जो की 15 मार्च तक कुम्भ राशि पर अपना प्रभाव बनाए रहेंगे | आइए देखते है की आपकी राशि पर कुम्भ राशि के सूर्य का भ्रमण क्या शुभ अशुभ फल लाया है |
मेष राशि :- सूर्य के प्रभाव से अर्थोपार्जन के लिए अत्यंत कठिन परिश्रम करना आवश्यक बना रहेगा | परन्तु ग्यारहवे स्थान पर बैठा हुआ गरम ग्रह अत्यंत शक्तिशाली माना गया है, इस कारण जातक को लाभ तथा आमदनी तो होगी, परन्तु उसे शारीरिक श्रम तथा बुद्धि का उपयोग भी बहुत करना पड़ेगा|अतः विद्या, बुद्धि तथा संतान की विशेष शक्ति प्राप्त करेगा | वह अपने स्वार्थ- साधन के लिए कटु- वचनो का प्रयोग भी करेगा और उससे लाभ भी उठाएगा |
वृष राशि :- सूर्य के प्रभाव से पिता तथा राज्य के क्षेत्र में कुछ कठिनाइयों के साथ सफलता एवं सम्मान की प्राप्ति होगी, परन्तु शत्रु के राशिस्थ होने के कारण पूर्ण सफलता नहीं मिल पाएगी| सूर्य के प्रभाव से जातक को माता के सुख एवं भूमि -भवन आदि के सुख का लाभ होता है तथा पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है |
मिथुन राशि :- सूर्य के प्रभाव कठिन परिश्रम द्वारा अपने भाग्य की उन्नति तथा कुछ लापरवाही के साथ धर्म का पालन करेगा | साथ ही भाई – बहन के सम्बन्धो से भी असंतोष भी रहता है| अतः पराक्रम में वृद्धि होती है तथा भाई के द्वारा भी कुछ सहयोग प्राप्त होता है इस समय आप हिम्मती, उत्साही, परिश्रमी, तेजस्वी तथा प्रभावशाली होता है |
कर्क राशि :- सूर्य के प्रभाव से आयु के पक्ष में कभी- कभी संकटो का सामना करना पड़ सकता है तथा पुरातत्व का लाभ कुछ कमी के साथ प्राप्त होगा| रहन – सहन धनवानों जैसा रहेगा| अतः धन एवं कौटुम्बिक सुख में कुछ कमी बनी रहेगी| पेट में भी कोई रोग हो सकता है |
सिह राशि :- सूर्य के प्रभाव से स्त्रीपक्ष से वैमनस्य रहता है तथा व्यवसाय के क्षेत्र में कठिन परिश्रम के बाद सफलता प्राप्त होती है, परन्तु भोगादि के सम्बन्ध में जातक की आसक्ति रह सकती है| अतः शारीरिक शक्ति, प्रभाव एवं स्वाभिमान संपन्न होता है और अपने नाम को ऊचा उठाने का प्रयत्न करता है |
कन्या राशि :- सूर्य के प्रभाव से शत्रु पक्ष से परेशानी रहेगी तथा खर्च अधिक पड़ेगा, परन्तु वह उन पर अपना प्रभाव स्थापित करने में सफलता प्राप्त करेगा, क्योकि छठे स्थान पर क्रूर ग्रह की राशि पर क्रूर ग्रह की स्थिति विशेष प्रभावशाली होती है| ऐसा व्यक्ति परिश्रम द्वारा अपना खर्च चलाता है और उसे बाहरी स्थानो के सम्बन्ध से सामान्य लाभ प्राप्त होते है | अतः खर्च की अधिकता बनी रहेगी |
तुला राशि :- सूर्य के प्रभाव से संतान के पक्ष से असंतोष के साथ सामान्य लाभ होता है तथा विद्याध्ययन में भी बड़ी कठिनाइयों के साथ सफलता मिलती है| अतः कठिन परिश्रम एवं बुद्धि योग से आमदनी की अच्छी शक्ति मिलती है, परन्तु मस्तिष्क में कुछ परेशानिया भी रहती है |
वृश्चिक राशि :- सूर्य के प्रभाव से अपनी माता के साथ मतभेद रह सकता है और भूमि तथा भवन के सुख में भी कुछ कमी आती है | घरेलु सुख तो मिलता है, परन्तु उसमे भी कुछ त्रुटिया बनी रहती है| अतः पिता का सुख, राज्य द्वारा सम्मान एवं व्यवसाय से लाभ प्राप्त होता है| ऐसा व्यक्ति उन्नति स्वयं करता है |
धनु राशि :- सूर्य के प्रभाव से भाई – बहनो का सुख कुछ असंतोष के साथ मिलता है,परन्तु पराक्रम में अत्यधिक वृद्धि होती है| ईशवर पर भरोसा रखेंगे तथा पुरुषार्थ द्वारा अपने भाग्य की उन्नति करेंगे | अतः पुरुषार्थ के द्वारा भाग्य की अत्यधिक वृद्धि होती है और वह धर्म का भी यथोचित पालन करता है| आप यशस्वी, हिम्मती तथा शक्तिशाली होगे |
मकर राशि :- सूर्य के प्रभाव से धन का संचय नही हो पाता| साथ ही कौटुम्बिक सुख में भी कभी- कभी संकट एवं संघर्ष के योग बनते रहते है| अतः आयु में वृद्धि होती है तथा उसे पुरातत्व का लाभ भी होता है| आप इस समय अमीरी ढंग का जीवन बिताएंगे तथा शान- शौकत के लिए धन की चिंता नही करेंगे
कुम्भ राशि :- सूर्य के प्रभाव से धन की वृद्धि होती है तथा कुटुंब पक्ष से भी पर्याप्त सहयोग एवं शक्ति मिलती है | परन्तु स्त्री पक्ष में जातक को किसी विशेष कमी का अनुभव होता है | अतः आयु एवं पुरातत्व की शक्ति में वृद्धि होती है तथा दैनिक जीवन प्रभावशाली बना रहता है |
मीन राशि :- सूर्य के प्रभाव से अपना खर्च चलाने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा बाहरी स्थानो के सम्बन्ध में भी दिक्कते आती है| शत्रु पक्ष से भी कुछ परेशानी बनी रहती है| अतः आप खर्च के बल पर शत्रुओ पर विजय प्राप्त करेंगे तथा प्रभाव को बढ़ाता है| आप को इस समय क्रोध तथा अहंकार से बचाना चाहिए |
सूर्य के उपाय :- सूर्य को जल से अर्ध्य दे| जल में रोली चन्दन तथा चावल डाले| मसूर की लाल दाल, गुड,गेहू, बादाम आदि का दान करे | अंधे लोगो को कुछ दान दे |
इन उपायो को करने से सूर्य के सब कुप्रभाव कमजोर होंगे और शुभ फल बड़ेंगे ध्यान रखे सूर्य के उपाय करने से बाकी ग्रहो के उपायो की भी ताकत बदती है ये उपाय सब उपायो की नीव है
उक्त जानकारी सुचना मात्र है, किसी भी निष्कर्ष पर पहुचने से पहले कुंडली के और भी ग्रहो की स्तिथि, बलाबल को भी ध्यान में रख कर तथा किसी योग्य ज्योतिर्विद से परामर्श कर ही किसी भी निर्णय पर पहुचना चाहिए |